रायपुर– नई पीढ़ी को सुरक्षित, जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाने के उद्देश्य से रोटरी क्लब ऑफ रायपुर एलिगेंस ने सड्डू स्थित प्रयास एजुकेशनल कॉलेज में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम और चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया। 10 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया के खतरों, सड़क नियमों की अनदेखी के दुष्परिणामों और नशे के जानलेवा जाल के प्रति आगाह किया गया।
मुख्य अतिथियों ने दिए सुरक्षा के मूलमंत्र
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि डीएसपी सीमा भास्कर, रोशना डेविड एवं बी. शैलजा शामिल हुईं। अतिथियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल जितना बढ़ा है, साइबर ठगी और अपराधों का खतरा भी उतना ही गहराया है। ऐसे में इंटरनेट का सुरक्षित इस्तेमाल और सतर्कता बेहद जरूरी है। इसके साथ ही सड़क हादसों को रोकने के लिए यातायात नियमों के अनुपालन और स्वस्थ जीवनशैली के लिए नशे से दूरी को अनिवार्य बताया।
कैनवास पर उकेरी सामाजिक जिम्मेदारियां
जागरूकता सत्र के बाद आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता और रंगों के माध्यम से:
० साइबर सुरक्षा (ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव)
० यातायात सुरक्षा (हेलमेट व सीटबेल्ट का प्रयोग)
० नशा मुक्ति (स्वस्थ जीवन का चुनाव)
जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बेहद आकर्षक और विचारोत्तेजक चित्र बनाए।
कम उम्र में सही मार्गदर्शन ही सुरक्षित समाज की नींव: प्रियंका गुप्तारोटरी क्लब ऑफ रायपुर एलिगेंस की अध्यक्ष रोटेरियन प्रियंका गुप्ता ने कहा, “बच्चों को छोटी उम्र में ही जागरूक करना एक सुरक्षित और जिम्मेदार समाज के निर्माण के लिए बेहद जरूरी है। सही जानकारी और संस्कार बच्चों को जीवन में सही निर्णय लेने के लिए प्रेरित करते हैं।
जागरूकता से ही संभव है बचाव
क्लब की सचिव रोटेरियन डॉ. स्वाति अग्रवाल ने कहा कि साइबर अपराध, सड़क दुर्घटनाएं और नशा ऐसी समस्याएं हैं, जिनसे सिर्फ समय पर मिली सही जानकारी और जागरूकता के जरिए ही बचा जा सकता है। वहीं कोषाध्यक्ष रोटेरियन शिवानी मिश्रा ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से बच्चों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना पैदा होती है और वे एक जिम्मेदार नागरिक बनते हैं।
रोटरी क्लब की इस पहल को कॉलेज प्रबंधन और विद्यार्थियों ने काफी सराहा। क्लब का मानना है कि रचनात्मक गतिविधियों के जरिए दिए गए संदेश बच्चों के मन-मस्तिष्क पर गहरा असर छोड़ते हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की राह आसान करते हैं।
