पॉलीथिन के रावण का दहन कर ग्रीन आर्मी ने दिया बड़ा संदेश, 9 साल से चला रही पर्यावरण बचाने की मुहिम

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रायपुर। बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देने वाले दशहरे पर ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ ने पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल की। संस्था ने लगातार नौवें वर्ष पॉलीथिन रूपी रावण का दहन कर लोगों से प्लास्टिक के उपयोग को छोड़ने और पर्यावरण बचाने की अपील की।

जागरूकता रैली के जरिए संस्था ने साफ संदेश दिया कि स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है।

पूजा-अर्चना के बाद निकली जागरूकता रैली

कार्यक्रम की शुरुआत ब्राह्मणपारा चौक स्थित दुर्गा पंडाल में माँ दुर्गा की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद रैली बैस गली स्थित हनुमान मंदिर होते हुए कंकाली तालाब पहुँची।

यहाँ कंकाली माता मंदिर में दर्शन किए गए और दशहरे पर विशेष रूप से खुलने वाले देवी शस्त्रागार में पवित्र शस्त्रों के दर्शन किए गए।इसके बाद रैली सुहागा मंदिर होते हुए आजाद चौक पहुँची, जहाँ पॉलीथिन रूपी रावण का दहन किया गया।

तख्तियों और पॉलीथिन के रावण से दिया संदेश

रैली में पॉलीथिन के इस्तेमाल के खिलाफ संदेश लिखी तख्तियाँ और पॉलीथिन से निर्मित रावण आकर्षण का केंद्र रहे। इनके माध्यम से नागरिकों को पॉलीथिन से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही कपड़े और कागज के थैलों को अपनाने की अपील की गई।

पर्यावरण बचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी

ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष एवं संस्थापक अमिताभ दुबे ने कहा कि पॉलीथिन रूपी रावण दहन का मकसद लोगों को इसके दुष्प्रभावों से आगाह करना और पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी बढ़ाना है।रायपुर जिला अध्यक्ष गुरदीप टुटेजा ने कहा कि पॉलीथिन पर्यावरण और पशुओं के लिए गंभीर खतरा है।

लोगों को इसके इस्तेमाल से बचते हुए कपड़े एवं कागज के थैलों को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।वहीं, प्रदेश मीडिया प्रभारी शशिकांत यदु ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की जिम्मेदारी है।

समाज में जागरूकता और सामूहिक प्रयासों से ही पॉलीथिन मुक्त जीवनशैली को बढ़ावा दिया जा सकता है।कार्यक्रम में ब्राह्मणपारा वार्ड के पार्षद अजय साहू भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

स्वच्छ और पॉलीथिन मुक्त समाज का आह्वान

ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ वर्षभर स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्य करती है। संस्था ने नागरिकों से पॉलीथिन का उपयोग छोड़ने, वैकल्पिक थैलों को अपनाने और स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाने की अपील की।

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