जामनगर (गुजरात)। ऑनलाइन गेमिंग की आभासी दुनिया में शुरू हुई एक दोस्ती ने ऐसा मोड़ लिया कि एक परिवार की खुशियां छिनते-छिनते बचीं। मोबाइल गेम फ्री फायर खेलते समय एक नाबालिग लड़की की पहचान असम के 24 वर्षीय युवक से हुई। पहले गेम में बातचीत हुई, फिर मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान और धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं।
आरोप है कि युवक ने लड़की को अपने प्रेमजाल में फंसाया और उसे घर से दूर करीब 2000 किलोमीटर तक ले गया। बेटी के अचानक लापता होने से परेशान परिवार ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। आखिरकार पुलिस ने असम में दबिश देकर लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
8 अक्टूबर को अचानक लापता हुई नाबालिग
यह पूरा मामला गुजरात के जामनगर का है। जानकारी के मुताबिक, 8 अक्टूबर 2026 को एक नाबालिग लड़की अचानक जामनगर के एसटी बस स्टैंड से लापता हो गई। परिवार के लोगों ने अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन काफी कोशिशों के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला।
बेटी का कहीं पता नहीं चलने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। इसके बाद उन्होंने जामनगर सिटी ए डिवीजन पुलिस स्टेशन में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। मामला एक नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने भी इसे गंभीरता से लिया और तत्काल जांच शुरू कर दी।
फ्री फायर गेम बना दोस्ती का जरिया
पुलिस ने जब लड़की के मोबाइल और उसके संपर्कों की तकनीकी जांच की तो एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। पता चला कि लड़की ऑनलाइन मोबाइल गेम फ्री फायर खेलती थी। इसी गेम के दौरान उसकी बातचीत असम के रहने वाले एक युवक से शुरू हुई थी।
शुरुआत में दोनों गेम के जरिए चैट करते थे। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और दोनों ने एक-दूसरे के मोबाइल नंबर ले लिए। इसके बाद गेम की दुनिया से शुरू हुआ संपर्क फोन कॉल तक पहुंच गया। पुलिस जांच में सामने आया कि इसी दौरान युवक ने लड़की से नजदीकियां बढ़ाईं और उसे अपने प्रभाव में ले लिया।
गुजरात से असम तक पहुंच गई लड़की
जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, असम के रहने वाले 24 वर्षीय प्रद्युत कार्तिक चौधरी पर नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने का आरोप है। लड़की जामनगर से करीब 2000 किलोमीटर दूर असम पहुंच गई थी।
इधर, पुलिस लगातार उसके संभावित ठिकानों की तलाश कर रही थी। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और तकनीकी सर्विलांस के साथ मानवीय खुफिया सूत्रों को भी जांच में लगाया गया। इन प्रयासों के बाद पुलिस को आरोपी के असम में होने का अहम सुराग मिला।
2000 KM दूर पुलिस ने दी दबिश, सुरक्षित मिली नाबालिग
सुराग मिलते ही जामनगर पुलिस की विशेष टीम असम के लिए रवाना हुई। पुलिस टीम बोंगाईगांव जिले के जोगीधोपा गांव पहुंची और वहां छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रद्युत कार्तिक चौधरी को पकड़ लिया।
उसके कब्जे से नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद कर लिया गया।इसके बाद पुलिस टीम लड़की और आरोपी को लेकर वापस जामनगर लौटी। जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नाबालिग को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया। लंबे इंतजार के बाद बेटी के सुरक्षित घर लौटने से परिवार ने राहत की सांस ली।
आरोपी पर BNS और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी प्रद्युत कार्तिक चौधरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
ऑनलाइन गेमिंग के शौक में न भूलें सुरक्षा
यह घटना उन अभिभावकों के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है, जिनके बच्चे घंटों ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर समय बिताते हैं। गेम खेलने के दौरान बच्चे कई बार अनजान लोगों के संपर्क में आ जाते हैं। शुरुआत में सामान्य बातचीत और दोस्ती के बाद कोई व्यक्ति निजी जानकारी हासिल करने या भावनात्मक रूप से प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है।
ऐसे में बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा के बारे में जागरूक करना बेहद जरूरी है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों से खुलकर बातचीत करें और उन्हें समझाएं कि किसी अनजान ऑनलाइन दोस्त पर आंख मूंदकर भरोसा न करें, अपनी निजी जानकारी साझा न करें और बिना परिवार को बताए किसी से मिलने या कहीं जाने का जोखिम न उठाएं।