चमोली। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बिगड़े मौसम के बीच एक बड़ा हादसा होने की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है। बद्रीनाथ धाम से लौट रहा एक हेलीकॉप्टर अचानक लापता हो गया। बताया जा रहा है कि बद्रीनाथ और जोशीमठ के बीच उड़ान के दौरान खराब मौसम के चलते हेलीकॉप्टर से संपर्क टूट गया।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। लापता हेलीकॉप्टर की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हेलीकॉप्टर में पायलट सहित यात्री सवार थे। हालांकि, यात्रियों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आई हैं। कुछ शुरुआती जानकारियों में पांच लोगों के सवार होने की बात कही गई है, जबकि ताजा मीडिया रिपोर्टों में छह लोगों के सवार होने का उल्लेख है।
हेलीकॉप्टर क्रैश होने की आशंका, ITBP की टीम रवाना
हेलीकॉप्टर से संपर्क टूटने के बाद उसके दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका जताई जा रही है। बद्रीनाथ धाम और जोशीमठ के बीच संभावित क्रैश साइट को ध्यान में रखते हुए तलाश अभियान तेज कर दिया गया है। ITBP की टीम को संभावित दुर्घटनास्थल की ओर रवाना किए जाने की जानकारी है।हालांकि, अभी तक हेलीकॉप्टर की सटीक लोकेशन और उसमें सवार लोगों की सलामती को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। राहत एवं बचाव दल संभावित क्षेत्र में जानकारी जुटाने में लगे हैंl
सामने आए यात्रियों के नाम, परिजनों की बढ़ी चिंता
शुरुआती जानकारी में हेलीकॉप्टर में सवार यात्रियों के नाम चंद्रकांत, अथर्व, राज श्री और दिनेश बताए गए हैं। इनके साथ पायलट भी मौजूद था। यात्रियों के परिजन किसी सकारात्मक खबर का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल सभी की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
मौसम विभाग ने पहले ही जारी किया था ऑरेंज अलर्ट
गौरतलब है कि मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को ही 30 अक्टूबर के लिए उत्तराखंड के कई जिलों में खराब मौसम का पूर्वानुमान जारी किया था। नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया था।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई थी। वहीं पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना भी व्यक्त की गई थी।
खराब मौसम के बीच चुनौतीपूर्ण हुआ सर्च ऑपरेशन
पहाड़ी इलाकों में अचानक बदलता मौसम, घने बादल और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां राहत एवं बचाव कार्यों को चुनौतीपूर्ण बना देती हैं। ऐसे में लापता हेलीकॉप्टर की तलाश कर रही टीमों के सामने भी मुश्किलें आ सकती हैं।फिलहाल सभी की निगाहें सर्च ऑपरेशन पर टिकी हैं। हेलीकॉप्टर का पता चलने और उसमें सवार लोगों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।