विद्यार्थियों को बसों में भरकर ले जाने का आरोप, NSUI नेता पुनेश्वर लहरे ने ABVP का किया विरोध

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रायपुर। राजधानी रायपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के एक कार्यक्रम को लेकर छात्र राजनीति में विवाद खड़ा हो गया है। NSUI P TRSU के अध्यक्ष पुनेश्वर लहरे ने आरोप लगाया है कि विद्यार्थियों को सम्मान देने के नाम पर बसों के माध्यम से कार्यक्रम में ले जाया गया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सहमति और स्वेच्छा का सम्मान होना चाहिए तथा किसी भी छात्र पर राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए।

विद्यार्थियों को राजनीतिक आयोजनों से दूर रखने की मांग

पुनेश्वर लहरे ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करना है, न कि राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के लिए भीड़ जुटाना। उन्होंने ABVP के आयोजकों से सवाल किया कि यदि विद्यार्थियों को सम्मान के नाम पर कार्यक्रम में ले जाया गया, तो क्या उनकी स्वतंत्र इच्छा और सहमति सुनिश्चित की गई थी?

लहरे ने कहा कि छात्रहित के नाम पर होने वाले आयोजनों में विद्यार्थियों की गरिमा, स्वतंत्रता और पढ़ाई को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। किसी भी संगठन को छात्रों की इच्छा के विरुद्ध उन्हें राजनीतिक गतिविधियों का हिस्सा बनाने से बचना चाहिए।

सड़क पर स्टंटबाजी और यातायात बाधित करने का भी आरोप

NSUI नेता ने कार्यक्रम के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं पर सड़क पर स्टंटबाजी करने और यातायात बाधित करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि इस दौरान आम नागरिकों को परेशानी हुई है, तो मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि आम जनता की सहूलियत और सड़क सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। किसी भी संगठन के आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था और यातायात के नियमों का पालन किया जाना चाहिए।

विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर उठाए सवाल

पुनेश्वर लहरे ने NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य, शिक्षा और उनसे जुड़े गंभीर सवालों पर ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने राजनीतिक कार्यक्रमों में भीड़ जुटाने के बजाय छात्रों की वास्तविक समस्याओं को प्राथमिकता देने की बात कही।

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

NSUI नेता ने मांग की कि शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों को किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही, यातायात बाधित करने और सड़क पर स्टंटबाजी के आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाए।

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