जीनोमिक विज्ञान से बदलेगी खेती की तस्वीर, NIBSM के स्थापना दिवस पर नवाचार का पैगाम

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रायपुर– भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (ICAR-NIBSM), रायपुर का 14वां स्थापना दिवस बुधवार को गरिमापूर्ण माहौल में मनाया गया। समारोह में वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, किसानों और विद्यार्थियों ने शिरकत की।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ICAR के पूर्व उप महानिदेशक डॉ. टी. आर. शर्मा रहे।

वहीं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल, एमिटी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीयूष कांत पांडेय और मैट्स विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. के. पी. यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता NIBSM निदेशक डॉ. पी. के. राय ने की।

मुख्य अतिथि डॉ. टी. आर. शर्मा ने “Genomic Science and Gene Discovery” विषय पर व्याख्यान देते हुए जीनोमिक विज्ञान और जीन खोज की अहमियत पर रोशनी डाली। उन्होंने चावल में ब्लास्ट रोग के प्रतिरोध से जुड़े Pi54 जीन की खोज और इसके उपयोग की जानकारी दी।समारोह में संस्थान की वैज्ञानिक उपलब्धियों और प्रकाशनों का विमोचन किया गया।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले वैज्ञानिकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।इस दौरान किसान-वैज्ञानिक संवाद भी हुआ, जिसमें किसानों ने अपनी समस्याएं वैज्ञानिकों के सामने रखीं। सब्जी फसलों में जैविक कीट नियंत्रण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को ट्राइकोग्रामा कार्ड भी वितरित किए गए।समारोह के जरिए NIBSM ने जीनोमिक विज्ञान, नवाचार और किसान-केंद्रित रिसर्च को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

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